Hindi Translationऐरावत मदकरि में छिपा था।
प्रकाश के समूह का नया पिंजडा हो?
मदमत्त भ्रमर की सूझ सूक्ष्म के बिना।
भाव परिमल भेद नहीं कर सकता।
भ्रमर रत्न को निगला रीति कैसे?
साध्य हुआ था सुख संभाषणा
गुहेश्वर लिंग में चेन्नबसवण्णा को।
Translated by: Eswara Sharma M and Govindarao B NTranslated by: Eswara Sharma M and Govindarao B N