Hindi Translation----निगला था
दूर धातु सत्व में छिपा था।
पुर में पांचों का शिर फटे ---- मंगल जल हुआ था देख।
रही ब्रह्म की सभा लूटी थी।
घोर रुद्र का दल टूटा था गुहेश्वरा।
Translated by: Eswara Sharma M and Govindarao B NTranslated by: Eswara Sharma M and Govindarao B N