Hindi Translationपुण्य पाप न होने से जनन की परवाह नहीं।
प्राप्त को खाने से मानव की परवाह नहीं।
भव बिगड़ने से दैव की परवाह नहीं।
सत्यज्ञानानंद ही खुद बनने से किसी की परवाह नहीं।
किसी की परवाह न रहा गुहेश्वरल्लय्या एक ही है।
Translated by: Eswara Sharma M and Govindarao B N