Hindi Translationस्तुति निंदा से बहरा रहना चाहिए ।
पर धन ,परसतियों से अंधक रहना चाहिए।
बोलने में परब्रह्म की बोली वितंडवादी के साथ में
जाडे की कोयल जैसे गूँगे रहना चाहिए।
’एक’ कहना जाने तो बिना संदेह रहना चाहिए।
गुहेश्वर लिंग में अपने आप भूले तन्मयरहना चाहिए।
Translated by: Eswara Sharma M and Govindarao B N